बेवकूफ़ी है

मिलेंगी  मंज़िलें  कैसे   तुम्हारी   अपनी  नस्लों  को
सफ़र   से   ये   नुक़ूश-ए-पा  मिटाना  बेवकूफ़ी  है
"असर" गर चाहते हो सुर्ख़रू होना तो फिर सुन लो
बुज़ुर्गों   की   रिवायत  को   भुलाना   बेवकूफ़ी  है।





#शाहरुख़असर
#shahrukhasar

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