मिलेंगी मंज़िलें कैसे तुम्हारी अपनी नस्लों को सफ़र से ये नुक़ूश-ए-पा मिटाना बेवकूफ़ी है "असर" गर चाहते हो सुर्ख़रू होना तो फिर सुन लो बुज़ुर्गों की रिवायत को भुलाना बेवकूफ़ी है। #शाहरुख़असर #shahrukhasar
ख़मोशी से गुज़र जाना न कुछ कहना न कुछ सुनना, मिरे दिल से उतर जाना न कुछ कहना न कुछ सुनना, ये मुझसे तो नहीं होगा मगर तुमको इजाज़त है, अगर चाहो मुकर जाना न कुछ कहना न कुछ सुनना। #शाहरुख़असर #shahrukhasar